मित्रोंआगे 2022 में पांच राज्यों
आचार्य राजेश (ज्योतिष,वास्तु , रत्न , तंत्र, और यन्त्र विशेषज्ञ ) जन्म कुंडली के द्वारा , विद्या, कारोबार, विवाह, संतान सुख, विदेश-यात्रा, लाभ-हानि, गृह-क्लेश , गुप्त- शत्रु , कर्ज से मुक्ति, सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक ,पारिवारिक विषयों पर वैदिक व लाल किताबकिताब के उपाय ओर और महाकाली के आशीर्वाद से प्राप्त करें07597718725-०9414481324 नोट रत्नों का हमारा wholesale का कारोबार है असली और लैव टैस्ट रत्न भी मंगवा सकते है
रविवार, 9 जनवरी 2022
रविवार, 2 जनवरी 2022
राहु और शनि युति conjunctionक
राहु और शनि युति conjunction राहु और शनि दोनों यदि कुंडली में एक साथ आ जाएं, तो सबसे पहले शनि के रूप को समझना जरूरी है,शनि एक ठंडा अन्धेरा और ग्रह है,सिफ़्त कडक है,रूखा है,उसके अन्दर भावनाओं की कोई कद्र नही है,जिस भाव में होता है उस भाव के कामो कारकों और जीवों को जडता में रखता है,इसके अलावा शनि की सप्तम द्रिष्टि भी खतरनाक होती है,जहां जहां इसकी छाया अपना रूप देती है वहां वहां यह अपनी जडता को प्रस्तुत करता है। शनि की जडता की पहिचान वह अपने कामो से करवाता है और अपने पहिनावे और रहन सहन से भी करवाता है,इस पहिचान के लिये शनि की द्रिष्टि को तीसरे भाव से भी देखा जाता है। शनि का अपना परिवार भी होता है उस परिवार को यह अपनी पहिचान के अन्दर ही शामिल रखता है और उस परिवार में अधिकतर लोग कार्य वाली शिक्षाओं को करने वाले और लोहा मशीनरी आदि को काटने जोडने और कई तरह के रूप परिवर्तन वाले कामों को करने वाले होते है। शनि की नजर सप्तम में होने के कारण पत्नी या पति का स्वभाव तेज बोलने का होता है,वह कोई भी बात जोर से चिल्लाकर केवल इसलिये करता है या करती है कि शनि की सिफ़्त वाला व्यक्ति बहुत कम ही किसी की सुनता है और जो सुनता है उसे करने के अन्दर काफ़ी समय लगता है,कम सोचने की आदत होने से और कम बोलने की आदत होने से या गम्भीर बात करने के कारण या फ़ुसफ़ुसाकर बात करने की आदत के कारण चिल्लाकर बात सुनने के लिये जोर दिया जाता है। शनि की जो पैत्रिक पहिचान होती है वह कार्य करने के रूप में कार्य के करने वाले स्थान के रूप में उस स्थान पर जहां पानी की सुलभता कम होती है वहां रहने से भी मानी जाती है,
शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021
कभी भी चणा कभी मुट्ठी भर चना
कभी घी घणा कभी मुट्ठी भर चना
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021
दिन का स्वामी सूर्य रात का मालिक शनि
दिन का स्वामी सूर्य रात का स्वामी शनि
शुक्रवार, 17 दिसंबर 2021
सूर्य की अष्टम द्रिष्टि
सूर्य की अष्टम द्रिष्टि भी उसी तरह से मानी जाती है जैसे बाकी के ग्रहों की लेकिन साधारण ज्योतिष मे इसका फ़लकथन नही किया गया है,लालकिताब के अनुसार यह कथन मिलता है कि किसी भी भाव की लगन अपने से सप्तम से मंत्रणा करती है अष्टम से देखती है और ग्यारहवे से नतीजा देती है,यानी लगन सिंहासन है सप्तम मंत्री है अष्टम आंखे है ग्यारहवा चलने वाले पैर माने जाते है उसी प्रकार से गुरु के लिये भी एक बात जरूरी मानी जाती है कि वह वह अगर नीच है और नीच भाव को भी अपनी द्रिष्टि से देखता है तथा उस नीच का फ़ल भी तब और खराब हो जाता है जब गुरु एक चोर भाव मे बैठ कर चोरी से ग्यारहवे भाव को देखे,(छठे से छठा) और इस तरह की बाते तब और भी समझ मे आती है कि गुरु जो सम्बन्ध का कारक है और वह चोरी से अपने साथ काम करने वाले लोगो से मित्रता को बढाकर उनसे अपनी अनैतिकता को पूर्ण करता है तो वह बहुत ही खतरनाक हो जाता है.सूर्य और चन्द्रमा के लिये भी माना जाता है कि वे जिस स्थान पर होते है उस स्थान से अपने अष्टम को उखाड कर फ़ेंकने के लिये और अपने से दसवे स्थान के साथ विश्वासघात करने के लिये योजना जरूर बनाते है बशर्ते कोई उनका दुश्मन राहु केतु शुक्र शनि उन्हे रोक नही रहा हो तो.
सोमवार, 13 दिसंबर 2021
Tantra (तंत्र क्या है)
तंत्र- भी इसी तरह एक टेक्नोलॉजी है, लेकिन एक अलग स्तर की, पर है भौतिक ही। यह सब करने के लिए इंसान अपने शरीर, मन और ऊर्जा का इस्तेमाल करता है टेक्नोलॉजी चाहे जो हो, हम अपने शरीर, मन और ऊर्जा का ही इस्तेमाल करते हैं। आम तौर पर हम अपनी जरूरतों के लिए दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन एक mobile फोन या किसी टेक्नोलॉजी के उत्पादन के लिए जिन बुनियादी पदार्थों का उपयोग होता है, वे शरीर, मन और ऊर्जा ही होते हैं
गुरुवार, 9 दिसंबर 2021
मन का राजा चन्द्रमा
चन्द्रमा मन का राजा है,"मन है तो जहान है मन नही है तो शमशान है",यह कहावत चन्द्रमा के लिये बहुत अच्छी तरह से जानी जाती है। पल पल की सोच चन्द्रमा के अनुसार ही बदलती है चन्द्रमा जब अच्छे भाव मे होता है तो वह अच्छी सोच को कायम करता है और बुरे भाव मे जाकर बुरे प्रभाव को प्रकट करता है। लेकिन जब चन्द्रमा कन्या वृश्चिक और मीन का होता है तो अपने अपने फ़ल के अनुसार किसी भी भाव मे जाकर राशि और भाव के अनुसार ही सोच को पैदा करता है। जैसे मेष लगन का चन्द्रमा अगर कर्क राशि मे है तो वह भावनात्मक सोच को ही कायम करेगा अगर वह लगन मे है तो अपनी काया के प्रति भावनात्मक सोच को पैदा करेगा और वृष राशि मे है तो अपने परिवार के लिये धन के लिये और भौतिक साधनो के लिये भावनात्मक सोच को पैदा करेगा वही चन्द्रमा अगर मिथुन राशि का होकर तीसरे भाव मे चला गया है तो वह केवल अपने पहिनावे लिखने पढने और इसी प्रकार की सोच को पैदा करेगा,अष्टम मे है तो वह अपनी भावनात्कम सोच को अपमान होने और गुप्त रूप से प्राप्त होने वाले धन अथवा सम्मान के प्रति अपनी सोच को रखने के साथ साथ वह मौत के बाद के जीवन के प्रति भी अपनी सोच अपनी भावना मे स्थापित कर लेगा। इसी प्रकार से कन्या राशि का चन्द्रमा अगर अच्छे भाव मे है तो वह अच्छी सोच को पैदा करने के लिये सेवा वाले कारणो को सोचेगा और बुरे भाव मे है तो वह केवल चोरी कर्जा करना और नही चुकाना दुश्मनी को पैदा कर लेना और हमेशा घात लगाकर काम करना आदि के लिये ही सोच को कायम रख पायेगा।
गुरुवार, 2 दिसंबर 2021
Solar eclipse (सूर्य) ग्रहण)ओर काल सर्प
मित्रो साल 2021का आखिरी ग्रहण सुर्य ग्रहण4 दिसंबर को होने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। यह साल का दूसरा और अंतिम सूर्यग्रहण होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि 2019 में भी ऐसा सूर्य ग्रहण लगा था और उस समय भी कालसर्प योग का निर्माण हुआ था उसके बाद कोरोना वायरस पुरी दुनिया में भयंकर रूप से फैल गया इस वायरस से कई लोगों की जान ले गई इसीलिए दोस्तों अभी भी यह समय काफी दिक्कत वाला कहा जा सकता है इसीलिए हमें जो भी सरकार की तरफ से निर्देश है उसका पालन करते रहना चाहिए मित्रों सूर्य और चंद्र ग्रहण के समय बनने वाली कुंडली का विशेष महत्व दिया गया है। इसमें बताया गया है कि ग्रहण का प्रभाव उन स्थानों पर अधिक होता है जहां वह दृष्टिगोचर यानी दिखाई देते हैं किन्तु गोचर में बन रही विशेष ग्रह स्थिति के कारण ग्रहण का कुछ प्रभाव लगभग सर्वत्र ही दिखाई देता है। अभी हाल ही में 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ा आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में केवल पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्र में आंशिक रूप से दृश्य था, किन्तु इसी दिन ‘कृषि-कानूनों’ को रद्द करने की प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया।अब आगे 4 दिसंबर के सूर्य ग्रहण के बादओर 5 दिसम्बर के गोचर को देखते हुए सर्दी के मौसम के तेज़ी से करवट लेने के साथ-साथ भारत की राजनीति में कुछ ‘गरमा-गर्मी’ और अप्रिय-संवाद के चलते कुछ बड़ी हलचल होगी। किसान आंदोलन के कारण उत्तर-प्रदेश की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल होगी।सरकार के द्वारा जनता के हित में कुछ कल्याणकारी कदम उठाने का संकेत है। पेट्रोल और डीज़ल के दामों में कुछ कमी से जनता को महंगाई से राहत मिलेगी। 5 दिसंबर को मंगल के वृश्चिक राशि में आने के कुछ दिनों के भीतर खाने-पीने के सामान के दामों में कमी का लाभ भी जनता को मिलेगा। कुछ बड़े निर्णयों से जनता को लाभ होगा। सुप्रीम कोर्ट के दबाव में केंद्र सरकार को प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कोई नई नीति बनानी पड़ सकती है। सूर्य ग्रह यहां भी दिखाई देगा जहां एक बड़े समुद्री तूफान और बेमौसमी वर्षा से देश के पश्चिमी हिस्से में भारी क्षति पहुंच सकती है। जल तत्व की राशि वृश्चिक में पड़ रहे इस सूर्य ग्रहण की राशि को 7 दिसंबर से मंगल प्रभावित करेंगे जिसके 45 दिन के भीतर जहां कुछ बड़े तूफान आएंगे तो भारत में रिकॉर्डतोड़ सर्दी जनता को कष्ट देगी। इस वर्ष सर्दी के मौसम में सामान्य से अधिक वर्षा गेहूं और मक्के के किसानों को लाभ देगी।
रविवार, 31 अक्टूबर 2021
Sambandhon ka karak Guru (सम्बन्धों का कारक गुरु)-
जिंदगी पर ग्रहों का बहुत प्रभाव पड़ता है जीवन मैं सुख-दुख उतार-चढ़ाव सब ग्रहण किया प्रभाव के कारण ही है। मित्रों सभी ग्रह आपको आपकी कुंडली के अनुसार अच्छा या बुरा प्रभाव दे सकते हैं ऐसे बरस पति को एक नैसर्गिक शुभ ग्रह माना जाता है। लेकिन अगर बृहस्पति ही कुंडली में खराब हो तो बहुत ही बुरा प्रभाव दे देता है । गुरु जो जीव का कारक है।
रविवार, 13 जून 2021
राहु चोथा
तखत पावे जब चौथा टेवे राहु मंदा खुद होता हो.
रविवार, 16 मई 2021
Gemstone रत्न किस तरह चारण करें
मित्रों ग्रहों को मजबूत करने के लिए रत्नों का प्रयोग किया जाता है। कुंडली में कमजोर ग्रहों के शुभ प्रभाव को पाने के लिए भी रत्न धारण किए जाते हैं.liकुंडली में कमजोर ग्रहों के शुभ प्रभाव को पाने के लिए भी रत्न धारण किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि वैदिक ज्योतिष में रत्नों को किस तरह से धारण करना उत्तम माना गया है।
सोमवार, 3 मई 2021
Importance of number in life(जीवन में नम्बर का महत्व
जीवन में नम्बर का महत्वजैसे हम जीवन की शुरुआत मे शब्दो को प्रयोग मे लाने के लिये अक्षरों का ज्ञान करते है वैसे ही जीवन मे गिनती करने के लिये नम्बरों को सीखते है। जीरो से लेकर नौ के अंक तक सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाया हुआ है। हर व्यक्ति एक नम्बर के आधार पर चला करता है उस नम्बर के बिना उसका जीवन अधूरा सा रहता है,कोई नम्बर भाग्य को देने वाला होता है और कोई नम्बर बहुत ही दुर्भाग्यशाली भी होता है। जन्म के नम्बर से ही पता लग जाता है कि जीवन कितने समय का है और जीवन मे किस किस वक्त कौन सी आफ़त आयेगी या जायेगी साथ ही अगर सूक्ष्म रूप से भी देखा जाये तो हर साल महिना दिन और दिन का एक एक घंटा अपनी गति को प्रदान करता है। नम्बर का जो रूप जीवन मे काम आता है वह इस प्रकार से है :-
🏡 **छत पर पानी की टंकी: क्या सिर्फ दक्षिण-पश्चिम (South-West) ही सही है? रटे-रटाए नियमों से बाहर निकलें और असली विज्ञान समझें!** 🏡
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https://youtu.be/hb9Ouf_rST4 मित्रों आज बात करेंगे बुध और शनि की युति जब एक ही भाव में एक साथ हो या किसी भी तरह की युति बन रही है, तो कल क्य...
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लक्ष्मी योग शुभ ग्रह बुध और शुक्र की युति से बनने वाला योग है।बुध बुद्धि-विवेक, हास्य का कारक है तो शुक्र सौंदर्य, भोग विलास कारक है।अब ये द...
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जब किसी के जीवन में अचानक परेशानियां आने लगे, कोई काम होते-होते रूक जाए। लगातार कोई न कोई संकट, बीमारी बनी रहे तो समझना चाहिए कि उसकी कुंडली...
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दशम भाव ज्योतिष भाव कुडंली का सबसे सक्रिय भाव है| इसे कर्म भाव से जाना जाता है क्यूंकि ये भाव हमारे समस्त कर्मों का भाव है| जीवन में हम सब क...
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https://youtu.be/I6Yabw27fJ0 मंगल और राहूजब राहु और मंगल एक ही भाव में युति बनाते हैं, तो वह मंगल राहु अंगारक योग कहलाता है। मंगल ऊर्जा का स...
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मालव्य योग को यदि लक्ष्मी योगों का शिरोमणी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं। मालव्य योग की प्रशंसा सभी ज्योतिष ग्रन्थों में की गई है। यह योग शुक्...
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https://youtu.be/9VwaX00qRcw ये सच है कि हर रत्न इस धरती पर मौजूद हर व्यक्ति को शोभा नहीं देता है. इसे पहनने के लिए ज्योतिष की सलाह आवश्यक ह...
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आचार्य राजेश ईस बार मलमास 15 दिसंबर से आरंभ हो रहा है जो 14 जनवरी 2018तक रहेगा। मलमास के चलते दिसंबर के महीने में अब केवल 5 दिन और विवाह मुह...
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मित्रों आज वात करते हैं फिरोजा रतन की ग्रहों के प्रभाव को वल देने के लिए या फिर उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए ज्योतिष विज्ञान द्वारा विभि...












