रविवार, 19 जून 2016

मित्रो ‘ज्योतिषशास्त्र’ आयुर्वेद और अन्य ग्रंथो की तरह हमारे प्राचीन ग्रंथो मे से एक है ! लेकिन पिछले कुछ वर्षो मे तथाकथित ज्योतिषों ने इसे धंधा बनाकर छोड़ दिया है ! और यही कारण है आज बहुत से लोगो का इस पर से विश्वास उठ गया है और सब यही समझने लगे है की हर कोई ज्योतिष के नाम पर लोगो को मूर्ख बनाने पर उनसे पैसा एंठने पर लगा है ! एक बाद याद रखे मित्रो ज्योतिष सनातन धर्म का एक अंग है करोड़ो वर्षो से चला आ रहा है ,आज भी सच्चे ज्योतिष गणित की गणना से ग्रहो की स्थिति और चंद्र ग्रहण ,सूर्य ग्रहण आदि का पता लगा लेते हैं वो बात अलग है धंधा करने वालों ने इसे कुछ का कुछ बना कर छोड़ दिया है जिस कारण हमारा इससे विश्वास उठता चला जा रहा है कोई ताश के पत्ते लेकर सुबह-सुबह टीवी पर बैठ जाता है ,और कोई लक्ष्मी यंत्र ,आदि बेचकर आपको मूर्ख बना रहा है !

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